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शरीर की à¤à¤•-à¤à¤• नस को खोल देंगी ये 10 चीजें, तेजी से दौड़ेगा खून, Heart Attack से होगा बचाव
नसों या धमिनियां तब बà¥à¤²à¥‰à¤• होती हैं, जब अंदर से मोटी हो जाती हैं। धमनियों के मोटा होने की वजह फैट है, जो धीरे-धीरे नसों में जमा होता रहेता है। धमनियों में फैट की मातà¥à¤°à¤¾ बà¥à¤¨à¥‡ से रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ यानी बà¥à¤²à¤¡ फà¥à¤²à¥‹ धीमा हो जाता है। फà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ फूड, पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ फूड, केक, नमकीन, तेल, मकà¥à¤–न जैसी चीजें नसों में फैट जमा करती हैं, जीसे उनके बंद होने का खतरा होता है।
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नसों का बंद, बà¥à¤²à¥‰à¤• या जाम होना (Blocked arteries) को मेडिकल à¤à¤¾à¤·à¤¾ में à¤à¤¥à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (Atherosclerosis) के रूप में जाना जाता है। नसों या धमिनियां तब बà¥à¤²à¥‰à¤• होती हैं, जब अंदर से मोटी हो जाती हैं। धमनियों के मोटा होने की वजह फैट है, जो धीरे-धीरे नसों में जमा होता रहेता है। धमनियों में फैट की मातà¥à¤°à¤¾ बà¥à¤¨à¥‡ से रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ यानी बà¥à¤²à¤¡ फà¥à¤²à¥‹ धीमा हो जाता है और कà¤à¥€-कà¤à¥€ थम जाता है। à¤à¤¥à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ कई अनà¥à¤¯ कोरोनरी हारà¥à¤Ÿ डिजीज सहित सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• या हारà¥à¤Ÿ अटैक का कारण बन सकता है, जिससे मौत का जोखिम à¤à¥€ बॠसकता है।
नसों के बà¥à¤²à¥‰à¤• होने के कà¥à¤¯à¤¾ कारण हैं? कई अनà¥à¤¯ बीमारियां और बाहरी कारक à¤à¤¥à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ का कारण बन सकते हैं। लेकिन धमनियों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤°à¤¾ असर आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ खाई जाने वाली अनà¥à¤¹à¥‡à¤²à¥à¤¦à¥€ चीजों का पड़ता है। फà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ फूड, पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ फूड, केक, नमकीन, तेल, मकà¥à¤–न जैसी चीजें नसों में फैट जमा करती हैं, जीसे उनके बंद होने का खतरा होता है। चलिठजानते हैं कि बंद नसों को खोलने के लिठआपको किन-किन चीजों का सेवन करना चाहिà¤à¥¤
लहसà¥à¤¨
à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ (NCBI) पर पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, लहसà¥à¤¨ à¤à¤• सà¥à¤ªà¤°à¤«à¥‚ड है जो विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठऔर पोषक ततà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। यह ऑरà¥à¤—ोसलà¥à¤«à¤° यौगिकों का खजाना है, जो सूजन, कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² और हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा आपको अपने खाने में खटà¥à¤Ÿà¥‡ फल, बेरीज, फैटी फिश, फलियां, अवोकेडो आदि का à¤à¥€ सेवन करना चाहिà¤à¥¤
पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° साग
पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° साग जैसे पालक, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€ आदि धमनियों की दीवारों को पतला करने में मदद करते हैं (जो à¤à¤¥à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के कारण गाढ़ी हो सकती हैं)। ये बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल और कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² को à¤à¥€ कम करते हैं।
टमाटर
टमाटर लाइकोपीन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं, जो शरीर में अचà¥à¤›à¥‡ कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² को बढ़ावा देते हैं। अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से पता चलता है कि जो लोग नियमित रूप से टमाटर का सेवन करने से विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हृदय रोगों के विकास का जोखिम कम होता है।
नटà¥à¤¸
अखरोट और बादाम जैसे मेवे कई पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ का à¤à¤• बड़ा सà¥à¤°à¥‹à¤¤ हैं। यह दिल को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखते हैं। नियमित रूप से अखरोट का सेवन करने से बंद धमनियों को को खोलने और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में मदद मिल सकती है।
सीडà¥à¤¸
फà¥à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤¸ सीडà¥à¤¸ और चिया सीडà¥à¤¸ जैसे बीज à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट और फाइबर से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं। यह दोनों ही हृदय सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बà¥à¤¾à¤µà¤¾ देने और इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ लेवल में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने में सहायक हैं। इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ में गड़बड़ी इसका बड़ा कारण हो सकता है।
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